बन्ना ओ काच केरी चिमनी , अंतरियों लाइजो तेल
बन्ना ओ साँझ पड़े सुलगावा,खेलाला सारी रात
अंतरियों लाइजो तेल

मुलके सूरज ढलतो ढलतो
साँझ वक़त अब आयो
धुंधला धुंधला दिखे हैं निज़ारा
हलको अँधियारो छायो
जोउ रस्तों आप पियाजी
ल्याजो चिमनी तेल साथ में
होसी चाँदनी प्रीत आपणी
करसा बाता आज रात में

बन्ना ओ जोधाने थे जाइजो
और iphone लाईजो आप
बन्ना सांझ पड़े खिचाला
फ़ोटुडा आपा साथ

बन्ना ओ काच केरी चिमनी , अंतरियों लाइजो तेल
बन्ना ओ साँझ पड़े सुलगावा,खेलाला सारी रात

सुर छेड़े खनकार चुड़िया
छम छम पायल बाजे
चाँद आपरे नाम हथेली
मेहंदी गहरी राचे
नैन आपरा बोले पियाजी
मैं घूँघट री ओट हँसू
करो जतन मैं ना मानु
ताना मीठा में रोज़ कसू

बन्ना ओ जयपुरिये थे जाइजो
और लाइजो हार श्रृंगार
नथड़ी लाइजो मोतीया जड़ियोड़ी
काजल और बिंदी साथ

बन्ना ओ काच केरी चिमनी , अंतरियों लाइजो तेल
बन्ना ओ साँझ पड़े सुलगावा,खेलाला सारी रात
अंतरियों लाइजो तेल