मुखड़ा
चलअ। आँचरा से रहिया बहार ल।
कोरस - गंगा जलवा से पंऊआ पखार ल।
गईया घीउआ के दिया बत्ती बार ल।
कोरस - मईया रानी जी के आरती उतार ल।
गह - गह करे नगरिया, पऊंआ धरा प धई ली।
चुनरी में सुनरी अइली, मईया मोरी दुलरी अइली।
कोरस - चुनरी में सुनरी अइली, गाँव भर के दुलरी अइली।

Antra - 1
गऊंआ के बहरिया, आके रुकल रथवा हो।
बाघवा रखवारवा, भैरो भईया साथवा हो।
चंवर डोलाव तारी, चौंसठ जोगिनिया।
चम चम चमकता चन्द्र बदनिया।
निमिये के छईंआ, मईया आपन आसनिया लगईली।
चुनरी में सुनरी अइली, मईया मोरी दुलरी अइली।
कोरस - चुनरी में सुनरी अइली, गाँव भर के दुलरी अइली।

Antra - 2
भईल बा सरागवा धरतीया नू हो।
माई के उतार लोग आरतीया नू हो।
रंजीत, अमीत भइले, माई के पुजारी।
भजन गावेले आकाश, खेसारी।
माथवा प धइली माई हाथवा, बालका के देखी मुसूकइली।
चुनरी में सुनरी अइली, मईया मोरी दुलरी अइली।
कोरस - चुनरी में सुनरी अइली, गाँव भर के दुलरी अइली।